मोहन आलोक - एक दिव्य काव्य-पुरुष/ डॉ. नीरज दइया
-
मोहन आलोक को इस संसार से गए दो साल से अधिक समय हो गया है किंतु अब भी
उनके जाने का दुख मुझ में इस तरह समाया है कि उन्हें याद करते हुए मैं विचलित
हो जा...
परलीका के फोटो- photo gallery
-
अब से दो बरस पहले आठ अगस्त 2008 को अचानक ही बरसात ने आकर आधे से ज्यादा गाँव
को तहस-नहस कर दिया. उस वक्त का मंजर देखने लायक था. घरों की छतें ही गिर जाये
तो ...
इंटरनेट पर राजस्थानी राज
-
इंटरनेट पर राजस्थानी राज
*अजय कुमार सोनी*
[image: इंटरनेट पर राजस्थानी राज]राजस्थानी भाषा को ख्याति दिलाने में
इंटरनेट भी एक सशक्त जरिया बना है। नेट पर रा...
राम राम सा जी !!
-
*Share तो कर ही देओ बाकी तो देखी जासी साय ...*
रामो राम ..
काई हाल हीं थांका ?
स्याळै म चूल्हा क चिपेङा रहज्यो अर् रजाई म लुखेङा रहज्यो !
इ ठठार म डील...
रूठ्ग्या म्हारा रामजी
-
भगवान है. आ सुणी है.
बात-ख्यात इतिहास में.
पण म्हे सेन्दे देख्या है.
भगवान ने म्हारे
बापजी रे रूप में.
वाऱी छतर छाया
में पलयो, मोटो विहयो.
मनचाही ...
मां....आज तू याद आती है...!
-
मां....आज तू याद आती है...!
मां! पहले आंसू आते थे
और तू याद आती थी,
आज तू याद आती है,
और आंसू आते हैं...।
इन चंद अल्फाज को कुछ अरसे के दौरान मैंने महसूस किय...
प्रस्तुति - रामधन "अनुज"
-
*लोग उम्मीद करते हैं*
लोग उम्मीद करते हैं
कि अब की बार
सूखा नहीं पड़ेगा
गाँव के पास वाला बांध
पक्का बन जायेगा
जिससे बाढ़ रुक जाएगी;
फसलें अच्छी खड़...
0 comments:
Post a Comment